अध्ययन कक्ष वास्तु

शुभ दिशा: उत्तर / पूर्व देव: सरस्वती / बुध वायु तत्व

आज का सुझाव: रसोई में मसाले उत्तर-पूर्व में और गैस चूल्हा दक्षिण-पूर्व में रखें।

अवधारणा

अध्ययन कक्ष बुद्धि और ज्ञान का स्थान है। वास्तु में उत्तर और पूर्व दिशाएं बुध (बुद्धि के कारक) और सूर्य (प्रकाश और ज्ञान) से जुड़ी हैं। इन दिशाओं में अध्ययन कक्ष बनाने से एकाग्रता, स्मरणशक्ति और शैक्षिक सफलता बढ़ती है।

आदर्श व्यवस्था

  • अध्ययन कक्ष उत्तर या उत्तर-पूर्व में बनाएं।
  • पढ़ते समय पूर्व या उत्तर दिशा में मुख रखें।
  • पुस्तकें दक्षिण या पश्चिम की दीवार पर रखें।
  • अध्ययन मेज का रंग हल्का हरा या भूरा रखें।
  • सरस्वती या गणेश की मूर्ति पूर्व में रखें।

वास्तु दोष

  • दक्षिण दिशा में मुख करके पढ़ने से एकाग्रता घटती है।
  • अध्ययन कक्ष में शयन करना या भोजन करना दोष है।
  • किताबें बिखरी हुई रखना नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करता है।
  • अध्ययन कक्ष में टीवी या बड़ी स्क्रीन लगाना अनुचित है।

उपाय

  • अध्ययन मेज पर बुध यंत्र स्थापित करें।
  • पूर्व दिशा में हरे रंग का पौधा रखें।
  • कक्ष में हल्के पीले या हरे रंग का उपयोग करें।
  • पाठ्यपुस्तकें साफ-सुथरी और व्यवस्थित रखें।
  • प्रतिदिन अध्ययन से पहले सरस्वती वंदना करें।

दैनिक चेकलिस्ट

  • अध्ययन मेज साफ करें।
  • किताबें व्यवस्थित करें।
  • पेन-पेंसिल तैयार रखें।
  • मोबाइल साइलेंट करें।
  • उचित प्रकाश व्यवस्था जांचें।