बैठक (लिविंग रूम) वास्तु
शुभ दिशा: उत्तर / उत्तर-पूर्व देव: कुबेर वायु तत्व
आज का सुझाव:
रसोई में मसाले उत्तर-पूर्व में और गैस चूल्हा दक्षिण-पूर्व में रखें।
अवधारणा
बैठक (ड्राइंग रूम) परिवार और अतिथियों के मिलन का स्थान है। वास्तु में इसे उत्तर या उत्तर-पूर्व में रखना शुभ है क्योंकि इस दिशा में कुबेर देव का वास है जो समृद्धि और सामाजिक संबंधों को बढ़ाते हैं।
आदर्श व्यवस्था
- बैठक उत्तर या उत्तर-पूर्व में रखें।
- मुखिया की बैठने की सीट दक्षिण या पश्चिम की ओर हो।
- बैठक में प्रकाश पर्याप्त होना चाहिए।
- दीवारों पर सुखद, सकारात्मक चित्र लगाएं।
- बैठक में एक्वेरियम उत्तर दिशा में रख सकते हैं।
वास्तु दोष
- बैठक में युद्ध, दुर्घटना या शोक के दृश्य न लगाएं।
- बैठक में अंधेरा नहीं होना चाहिए।
- टूटी या बंद घड़ी बैठक में वर्जित है।
- बैठक में अव्यवस्था और कूड़ा नकारात्मकता लाता है।
उपाय
- बैठक में क्रिस्टल बॉल उत्तर-पूर्व में लटकाएं।
- इनडोर पौधे पूर्व दिशा में रखें।
- सात घोड़ों का चित्र दक्षिण दीवार पर लगाएं।
- बैठक में सुगंधित मोमबत्ती या अगरबत्ती नियमित जलाएं।
- हरे पौधे या ताजे फूल रखें।
दैनिक चेकलिस्ट
- बैठक प्रतिदिन झाड़ू-पोछा से साफ करें।
- तकिए कवर बदलें।
- पौधों को पानी दें।
- अनावश्यक वस्तुएं हटाएं।
- सकारात्मक संगीत बजाएं।